Why is the TATA group successful? टाटा समूह के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य क्या हैं?

टाटा ग्रुप एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह की होल्डिंग कंपनी है जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में है। यह जमशेदजी टाटा द्वारा सन 1868 में स्थापित किया गया था।

 

Why is the TATA group successful? टाटा समूह के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य क्या हैं?

 

टाटा ग्रुप एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह की होल्डिंग कंपनी है जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में है। यह जमशेदजी टाटा द्वारा सन 1868 में स्थापित किया गया था , टाटा ग्रुप की कंपनी ने कई वैश्विक कंपनियों को खरीदने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान हासिल की थी जब उसने जगुआर और लैंड रोवर जैसी बड़ी कार कंपनियों को उस वक़्त ख़रीदा जब बड़े बड़े कार निर्माता कंपनी जैसे की फोर्ड ने भी इन दो कंपनियों को खरीदने से मना कर दिया असल में उस वक़्त जगुआर एयर लैंड रोवर बहुत ही घाटे में चल रही थी। भारत के सबसे बड़े समूहों में से एक, टाटा समूह का स्वामित्व टाटा संस के पास है। 

 

यह देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूहों में से एक है, जिसकी स्थापना 152 साल पहले 1868 में हुई थी।

 

29 साल की उम्र में जमशेदजी टाटा ने अपने पिताजी की कंपनी में काम किया था । 1870 में 21,000 रुपये की पूंजी के साथ, उन्होंने एक व्यापारिक कंपनी की स्थापना की। इसके अलावा उन्होंने चिंचपोकली में एक दिवालिया तेल मिल खरीदी और इसे एलेक्जेंड्रा मिल के नाम से एक कपास मिल में बदल दिया, जिसे उन्होंने 2 साल बाद लाभ के लिए बेच दिया। 



साल 1874 में, उन्होंने नागपुर में एम्प्रेस मिल नाम से एक और सूती मिल की स्थापना की। उन्होंने अपने जीवनकाल में 4 लक्ष्यों को प्राप्त करने का सपना देखा था , एक लोहा और इस्पात कंपनी, एक अनूठा होटल, एक विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान और एक हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्लांट स्थापित करना। उनके जीवनकाल के दौरान, 1903 में, कोलाबा तट पर ताजमहल होटल खोला गया, जिससे उस वक़्त यह भारत में बिजली की सुविधा  वाला पहला होटल बन गया।

 

जेआरडी टाटा को 1938 में टाटा समूह का अध्यक्ष बनाया गया था। उनकी अध्यक्षता में, टाटा समूह की संपत्ति 101 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई थी। 14 उद्यमों से शुरू होकर, आधी सदी बाद 1988 में उनके जाने के बाद, टाटा संस 95 उद्यमों के समूह में विकसित हो गया था। इन उद्यमों में कुछ ऐसे उद्यम भी शामिल थे जिन्हें कंपनी ने  शुरू किया था या जिसमें वे अपने हित को नियंत्रित या संचालित करते थे। रसायन, प्रौद्योगिकी, सौंदर्य प्रसाधन, विपणन, इंजीनियरिंग और विनिर्माण, चाय और सॉफ्टवेयर सेवाओं जैसे नए क्षेत्रों ने उन्हें पहचान दिलाई।

 

1952 में, JRD Tata ने एक एयरलाइन की स्थापना की, जिसे Tata Air Services के नाम से जाना जाता है (बाद में इसका नाम बदलकर Tata Airlines) कर दिया गया। साल 1953 में, भारत सरकार ने एयर कॉर्पोरेशन एक्ट पारित किया था और टाटा संस से कैरियर में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी ली थी, हालांकि जेआरडी टाटा 1977 तक अध्यक्ष के रूप में बने रहे थे। 

 

जैसे की आप जानते ही की आज एयर इंडिया को वापस 18000 करोड़ रूपए की बोली लगाकर फिर से इसे भारत सरकार से खरीद लिया है। असल में एयर इंडिया पिछले कई सालो से घाटे में चल रही थी और भारत सरकार लाख उपाय करके भी इससे एयर इंडिया को उबार नहीं पा रही थी तब जाकर सरकार ने इसके हिस्सेदारी को बेचने का मन बनाया। 

 

1991 में Ratan Tata को टाटा समूह का अध्यक्ष बनाया गया था। यह भारत में आर्थिक उदारीकरण का वर्ष भी था, जिसने विदेशी प्रतिस्पर्धियों के लिए बाजार खोल दिया। इस समय के दौरान, टाटा समूह ने टेटली (2000), कोरस समूह (2007), और जगुआर और लैंड रोवर (2008) सहित कई कंपनियों का अधिग्रहण करना शुरू किया। 2017 में, नटराजन चंद्रशेखरन को अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

 

टाटा समूह सफल क्यों है ?

 

किसी भी कंपनियों की स्थापना के दो कारण होते हैं – एक है हितधारकों के लिए पैसा कमाना और दूसरा है समाज के लिए मूल्य बनाना।

 

पूरी दुनिया में एक ही कंपनी है जिसने इन दोनों क्षेत्रों की खोज की है और व्यापार करने के तरीके को समृद्ध किया है। यह कंपनी टाटा समूह है, यह एक भारतीय ग्लोबल जायंट है जिसने काम करने के सिद्धांतों को परिष्कृत किया है और अपने क्षेत्रों में सर्वोच्च ऊंचाइयों को हासिल किया है।

 

1868 में जमशेदजी टाटा द्वारा स्थापित, टाटा समूह एक वैश्विक उद्यम है, जिसका मुख्यालय भारत में है, जिसके दस अलग-अलग लाइनों में 30 कंपनियां शामिल हैं।

 

Conglomerate (समूह) – टाटा समूह कई कंपनियों में फैले diverse business group के साथ एक समूह है। यहाँ conglomerate का अर्थ है की यह कई अलग-अलग चीजें या भाग जिन्हें एक साथ रखा या समूहीकृत किया जाता है जिससे एक संपूर्ण बनता है लेकिन अलग-अलग संस्थाएं बनी रहती हैं।

 

सामान्य शब्दों में टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी विसेषता यह है की ये ग्रुप अनेक अलग अलग प्रकार के वयापार सेक्टर में बंटा है जैसे स्टील , software , एनर्जी , होटल , ट्रक , cars etc . इनका स्वमित्वा तो टाटा संस ग्रुप के पास है मगर सभी एक individual संस्था के रूप में काम करती है। 



Global presence (वैश्विक उपस्थिति) – टाटा समूह की भारत में सभी कंपनियों में से सबसे बड़ी वैश्विक उपस्थिति है। 100 से अधिक देशों में फैले 6 से अधिक महाद्वीपों में इनके व्यापार चलते हैं। इसकी स्थापना के बाद से ही , इन्होने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसार के लिए अपने दृष्टिकोण को बनाए रखा है और उसी के कारण दुनिया भर में इनके उत्पादों के ग्राहक है ।



(Independence in Operations) संचालन में स्वतंत्रता – जैसा कि ऊपर मैंने उल्लेख किया गया है, की टाटा समूह के पास प्रबंधन संरचना का एक अनूठा ढांचा है जहां प्रत्येक कंपनी के नेताओं और टाटा संस ग्रुप के शीर्ष प्रबंधन का एक अलग समूह होता है। इसका फायदा टाटा ग्रुप को ये हुआ की उनके सभी कंपनियों को अपने हित से जुड़े निर्णय लेने की सुविधा मिली जिससे वो अपने वयवसाय को अधिक तेज़ी से आगे ले जा सके। 



Philanthropy (परोपकार) – टाटा के संचालन की प्रणाली के लिए सिद्धांत बहुत ही जाएदा मायने रखती है । शुरुआत से ही, वे पैसे और सामाजिक मानकों के बीच एक उचित संतुलन बनाने में सक्षम रहे हैं। श्री रतन एन. टाटा ‘इस सिद्धांत को जारी रखते हुए एक जीवंत उदाहरण के रूप में हमारे सामने खड़े है ताकि एक सकारात्मक सामाजिक प्रभाव लाया जा सके। अगर आप उनके बारे में जानेंगे की कैसे वे भारत के आम जनता की भलाई के लिए अपनी कुल आय का लगभग 60% हिस्सा दान कर देते है तो आपको इस बात पर उन पर गर्व होगा। 



Distinct Business Culture (विशिष्ट व्यावसायिक संस्कृति) – परोपकार के साथ-साथ उत्कृष्टता, नवाचार, गुणवत्ता प्रबंधन, विविधता और कर्मचारी देखभाल और सम्मान के रूप में 5 अलग-अलग मूल्य आते हैं और टाटा ग्रुप एंड संस इन सभी मामले में एक दम अव्वल आती है।  ये व्यवसाय करने के एक परिष्कृत तरीके का मिश्रण बनाते हैं और टाटा समूह को बाकि अन्य कंपनियों से अलग करने में मदद करते हैं।



टाटा समूह के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य क्या हैं ?



  • टाटा ग्रुप हर व्यवसाय में है। लेकिन आप उन्हें शराब के कारोबार, सिगरेट के कारोबार में कभी शामिल नहीं पाएंगे। 

 

  • सामान्य तौर पर, टाटा समूह के मुनाफे का लगभग 66% हिस्सा चैरिटी (टाटा ट्रस्ट) को जाता है। टाटा समूह की प्रत्येक कंपनी अपनी परिचालन (operating) आय का 4 प्रतिशत से अधिक बिना किसी महिमा मंडन या प्रचार के ट्रस्टों को देती है।

 

  • टाटा समूह उन बच्चों के लिए डेकेयर की सुविधा शुरू करने वाला पहला समूह था जिनकी माताएं कंपनी में काम कर रही होती थी और घर पर देखभाल करने वाला कोई नहीं होता था। इसने कानून बनने से बहुत पहले मातृत्व अवकाश देना भी शुरू कर दिया था और इससे पहले कि कोई और इसके बारे में सोच सके, इसने भविष्य निधि की अवधारणा भी शुरू की। 
  • इंटरनेट का 24% से अधिक ट्रैफ़िक टाटा के केबलों के माध्यम से जाता है। यह दुनिया भर में दुनिया का एकमात्र पूर्ण स्वामित्व वाला फाइबर रिंग है। टाटा कम्युनिकेशन का दुनिया भर में सबसे जाएदा सक्रिय ग्राहक है, प्रत्येक 10 कॉल में से 1 कॉल टाटा कम्युनिकेशन के स्वामित्व के अंदर आता है। 

 

  •  टाटा ने आईआईएससी, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) और कई अन्य जैसे विश्व स्तरीय संस्थानों का निर्माण किया है। टाटा समूह कई शोध संस्थान, सार्वजनिक अस्पताल और खेल संस्थान चलाता है। ये सुविधाएं देश के लिए किसी अनमोल तोहफे से कम नहीं हैं।

 

  •  टाटा ग्लोबल बेवरेजेज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी चाय कंपनी है।

 

  •  टाटा केमिकल्स सोडा ऐश का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है, जो सबसे आवश्यक रसायन है जो लगभग 670 घरेलू और औद्योगिक उत्पादों के निर्माण के लिए आवश्यक है।

 

टाटा के स्वामित्व वाली कौन सी कंपनियां हैं ?

 

अगर प्रश्न कार कंपनियों पर है तो टाटा ग्रुप के पास  3 कम्पनियाँ है  Tata Motors, Jaguar और LandRover ,जिन्हें उन्होंने अभी JLR में मिला दिया है, लेकिन अगर आप बात कर रहे हैं कि कितनी Tata ब्रांडेड कंपनियां अभी तक है तो यह 100 से भी ऊपर है जैसे TCS, Tata Steel , टाटा एलेक्सी, टाटा पावर, टाटा नमक इत्यादि। इतना ही नहीं टाटा स्टार्टअप्स और ऐसी कई गतिविधियों में भी निवेश करती है।



क्या टाटा संस और टाटा समूह एक ही हैं ?



टाटा संस और टाटा समूह एक जैसे नहीं हैं।

 

टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड टाटा समूह की प्रमुख निवेश होल्डिंग कंपनी और टाटा समूह की कंपनियों के प्रमोटर हैं।

 

टाटा समूह की कंपनियों में टाटा मोटर्स, टाटा पावर, टाटा केमिकल, टाटा स्टील आदि शामिल हैं। 






Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *