भारत में ट्रैफिक के नियम क्या है ? ट्रैफिक पुलिस हमें पकड़ ले तो क्या करना चाहिए?

भारत में कई नियमों के बावजूद, सड़क दुर्घटनाओं और यातायात उल्लंघनों की संख्या में हर गुजरते दिन के साथ वृद्धि होती रहती है। आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपको यातायात नियमों को जानना बहुत ज़रूरी है।

 

भारत में ट्रैफिक के नियम क्या है ? अगर कोई ट्रैफिक पुलिस हमें पकड़ ले तो क्या करना चाहिए? 

 

भारत में कई नियमों के बावजूद, सड़क दुर्घटनाओं और यातायात उल्लंघनों की संख्या में हर गुजरते दिन के साथ वृद्धि होती रहती है। आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपको यातायात नियमों को जानना बहुत ज़रूरी है।

भारतीय संसद द्वारा वर्ष 1988 में पारित मोटर वाहन अधिनियम, सड़क परिवहन वाहनों के लगभग सभी पहलुओं को नियंत्रित करता है जो यातायात नियमो और सड़क सुरक्षा से जुडी कानूनों से है । इसमें यातायात नियमन, वाहन बीमा, मोटर वाहनों का पंजीकरण, नियंत्रण परमिट और जुर्माने के प्रावधान हैं। यह अधिनियम 1 जुलाई 1989 से लागू हुआ।

 

भारत में यातायात नियम

 

भारत में बुनियादी सड़क नियम:

 

चौपहिया वाहन के नियम हैं :
      • सीट बेल्ट जरूर लगाए जब भी आप ड्राइव करें
      • वाहन चलाते समय फोन का प्रयोग न करें
      • शराब पीकर गाड़ी न चलाएं
      • कोई लाल बत्ती (signal) मत तोड़े 
      • हमेशा अपना पीयूसी और अपने वाहन का बीमा अपडेट करें
      • धैर्य रखें
दोपहिया वाहन के नियम हैं:
      • हमेशा अपना हेलमेट पहनें
      • अपना लाइसेंस अपने साथ जरूर ले जाएं
      • अपना पीयूसी और बाइक का बीमा अपडेट करें
      • लाल सिग्नल मत तोड़े 
      • धैर्य रखें

कुछ अन्य महत्वपूर्ण और सामान्य यातायात नियमों को जानना आपके लिए आवश्यक है। 

  बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है और इस मामले में आपको भरी जुर्माना भरना पड़ सकता है। बाद में इसी तरह के अपराध करने पर पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना एक अपराध है जिससे कई दुर्घटनाएं होती हैं। यह दोपहिया और चार पहिया वाहनों दोनों के लिए एक गंभीर अपराध के रूप में देखा जाता है।

शराब और अन्य प्रतिबंधित दवाओं के सेवन करने के बाद ड्राइविंग करने पर आपपर अदालती जुर्माना लगाया जा सकता है या आपके लाइसेंस को निलंबित भी किया जा सकता है।

सीट बेल्ट या हेलमेट के साथ ड्राइविंग अब सभी के लिए अनिवार्य कर दी गई है। देश के कई हिस्सों में अब पीछे बैठने वाले के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम का पालन नहीं करने पर आपको अच्छी खासी रकम जुर्माना के रूप में देनी होगी। इसके बाद के अपराधों के लिए यह जुर्माना बढ़ाया जा सकता है।

यह भी जाने की  क्या है जुर्माने की राशि मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक – 2019 के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए : 

 हाथ में फोन इस्तेमाल करने या ट्रैफिक लाइट तोड़ने पर 5,000 रुपये का जुर्माना और एक साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक की धारा 178 के तहत बिना टिकट यात्रा करने पर आपको 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक की धारा 178 के तहत, यदि आप अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करते हुए पकड़े जाते हैं, तो आप पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा (पुराना जुर्माना 500 रुपये था)

 धारा 180 के तहत बिना लाइसेंस के वाहनों का अनाधिकृत उपयोग करने वालों को 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

अयोग्यता के बावजूद ड्राइविंग करने पर अब उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा।  पिछले प्रावधान के तहत, उल्लंघन करने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता था।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ साल 2018 में ही 66% से अधिक सड़क दुर्घटनाओं के लिए तेज गति जिम्मेदार थी। इसे रोकने के लिए, एलएमवी के लिए 1,000 रुपये और मध्यम यात्री वाहन के लिए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा (पिछला जुर्माना 400 रुपये था। )

यदि आप शराब या नशे आदि का उपयोग करते हुए गाड़ी चलाते है तो थोड़ा संभल जाईये वरना 10,000 रुपए की चपत लग सकती है आपको। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर आपको 10,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

सीट बेल्ट पहनना अब अनिवार्य है और यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 1,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

बिना हेलमेट के सवारियों को भी अब एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा। साथ ही उनका लाइसेंस तीन महीने के लिए रद्द किया जा सकता है।

ट्रैफ़िक पुलिस द्वारा पकडे जाने पर आपको कुछ अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए।

👉  जब एक पुलिस अधिकारी द्वारा आपको रोका जाता है, तो आपको सबसे पहले यह करना चाहिए कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा मांगे जाने वाले सभी दस्तावेज प्रस्तुत करें। दस्तावेजों को अधिकारी के सामने केवल प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

👉 आपको दंडित करने के लिए, यातायात पुलिस को एक ई-चालान मशीन या चालान बुक ले जाना पड़ता है। पुलिस को चालान दिए बिना आपको दंडित करने की अनुमति नहीं है। तो जब भी आप किसी भी प्रकार का जुर्माना भरते है तो चालान या रशीद लेना नहीं भूले। 

👉 ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई किसी भी अवैध मांग पर ध्यान देने का प्रयास न करें। यदि पुलिस अधिकारी आपसे रिश्वत मांगने का प्रयास करता है, तो नाम और बकल नंबर नोट कर लें। ट्रैफिक पुलिस ने बकल नहीं पहना है तो पहचान पत्र मांगें। यदि अधिकारी दस्तावेज देने से इनकार करता है तो आप भी आगे बढ़ सकते हैं और दस्तावेजों को प्रस्तुत करने से मना कर सकते हैं।

👉 ट्रैफिक पुलिस को आपका ड्राइविंग लाइसेंस लेने से पहले एक वैध रसीद देनी होगी। शराब के नशे में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना, लाल बत्ती के लिए न रुकना कुछ ऐसी चीजें हैं जिनके लिए ट्रैफिक पुलिस आपको वाहन चलाते समय रोक सकती है।

क्या हम ट्रैफिक पुलिस के जुर्माने को चुनौती दे सकते हैं ?

चालान से सम्बंधित किसी भी विवाद का निपटारा करने के लिए, आप अपने नजदीकी ट्रैफिक सेल में जा सकते हैं और अपनी स्थिति की व्याख्या कर सकते हैं। आप अपने दावे का समर्थन करने वाले दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सकते हैं। 

यदि आपको चालान के लिए अदालत में पेश होने के लिए कहा जाता है, तो आप इस पर आपत्ति उठा सकते हैं और उस पर विवाद अदालत में ला सकते हैं। ऐसा करने से पहले, सुनिश्चित करें कि आपके पास अपने तर्क का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

चेसिस नंबर, आपका जीपीएस लोकेशन, वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, मालिकाना हक के दस्तावेज आदि कुछ ऐसे सबूत हैं जो पुलिस द्वारा गलत तरीके से जुर्माना लगाने पर आपके पक्ष में काम आ सकते हैं।

क्या ट्रैफिक पुलिस को हमारे वाहन की चाबी लेने का अधिकार है?

एक अधिवक्ता पवन पारिख द्वारा दायर सूचना के अधिकार (आरटीआई) के अनुसार और साथ ही नियमों के अनुसार, उप निरीक्षक के पद से नीचे के पुलिस अधिकारी को आपके वाहन के दस्तावेज के लिए किसी व्यक्ति से पूछने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही किसी अधिकारी को बिना किसी कारण के किसी के वाहन की चाभी छीनने का अधिकार नहीं है। 

ट्रैफिक पुलिस के अलावा, क्या पुलिस को ड्राइविंग लाइसेंस की जांच करने का अधिकार है?

कानूनों के अनुसार, पुलिस को आपके दस्तावेज़ की जाँच करने का अधिकार है, मगर इसके लिए शर्त यह है की वह अधिकारी एसआई या उच्च रैंक का होना चाहिए। हालाँकि किसी भी तरह से वे आपके वहां की चाबी नहीं ले सकते। ऐसा होने पर आप उनके खिलाफ केस दर्ज करा सकते हैं।

 

अपने और अपने परिवार के खुशहाली के लिए ट्रैफिक नियमो का पालन ज़रूर करे और शराब पीकर तेज़ गति से गाड़ी न चलाये। 

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