भारत में ऋण के प्रकार | Types of Loans in India

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भारत में ऋण के प्रकार

 

इस लेख में, हम बात करेंगे कि loan कितने प्रकार के होते हैं, हम bank से loan कैसे प्राप्त कर सकते हैं, loan लेने के लिए कौन से दस्तावेज देने पड़ते हैं, और Interest दर कितनी होती है।

 

अक्सर देखा जाता है कि आजकल हर किसी को बैंक से लोन की जरूरत होती है, फिर चाहे वो businessman हो, किसान हो या प्राइवेट फर्म में जॉब करने वाला कोई आम आदमी , हर किसी को कभी न कभी इसकी जरूरत पड़ती ही है। एक व्यक्ति को loan की आवश्यकता तब होती है जब उसकी कमाई के पैसे से उसकी जरूरतें पूरी नहीं होती हैं, चाहे वह एक नया व्यवसाय करना चाह रहा हो या नया घर बनाना चाहता हो।

 

विभिन्न प्रकार के bank,चाहे वो  public क्षेत्र में हों या प्राइवेट क्षेत्र में आपको आपकी आवश्यकता के अनुसार ऋण प्रदान करते हैं। हम में से अधिकांश लोग बैंक या किसी विश्वसनीय गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) से पैसा उधार लेना पसंद करते हैं क्योंकि वे सरकारी नीतियों से बंधे होते हैं और भरोसेमंद होते हैं। उधार देना किसी भी बैंक या NBFC (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी) के प्राथमिक वित्तीय उत्पादों में से एक है।

 

एक loan के तीन घटक होते हैं – मूलधन (principal) या उधार राशि, ब्याज  दर(rate of interest), और अवधि या अवधि जिसके लिए ऋण लिया जाता है। विभिन्न प्रकार के बैंकों में उधार देने की प्रक्रिया अलग होती है, क्योंकि निजी बैंकों में ऋण की ब्याज दर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की तुलना में अधिक होती है। आज हम इस लेख के माध्यम से विस्तार से जानेंगे कि loan क्या है और loan लेने की प्रक्रिया क्या है।

 

 

व्यक्तिगत कर्ज़/Personal Loan:

 

एक व्यक्तिगत ऋण personal loan (व्यक्तिगत ऋण क्या है) एक ऐसा loan है जो बैंक आपको बिना किसी सुरक्षा के आपके वेतन या income को देखकर प्रदान करता है। पर्सनल लोन ज्यादातर शॉर्ट-टर्म लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लिए जाते हैं। जैसे बच्चों की फीस देना, मेडिकल खर्च के लिए या किसी को कोई महंगा गिफ्ट देना आदि। पर्सनल लोन के लिए इसकी ब्याज दर हर बैंक में अलग-अलग होती है।

 

इस प्रकार के loan में बैंक आपसे अधिक दस्तावेज नहीं मांगते हैं और वे आपके वेतन या आय के अनुसार ही आपका लोन जारी करते हैं। पर्सनल लोन लेने के लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR) की भी जरूरत होती है! क्योंकि आईटीआर से बैंक को आपकी क्या आमदनी है, आय का क्या जरिया है जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मिल जाती है।

 

गोल्ड लोन/Gold Loan :

 

गोल्ड loan के नाम से ही स्पष्ट है कि यह लोन बैंक में सोना रखने के ऐवज़ में प्राप्त किया जाता है। या यूं कह सकते हैं कि बैंक के लॉकर में सोना रखने की बदले में कैश लेने की प्रक्रिया है। सोने की गुणवत्ता और कीमत को ध्यान में रखते हुए अक्सर दिया जाता है गोल्ड लोन! आपको अपने सोने के मूल्य का 80 प्रतिशत तक लोन मिलेगा। ज्यादातर गोल्ड लोन आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगो के द्वारा लिए जाते हैं।

 

Gold loan की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह आपको तुरंत 30 मिनट के भीतर मिल जाता है और इसके लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड के अलावा किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती है। गोल्ड लोन में ब्याज दर पर्सनल लोन की तुलना में कम होती है। इस लोन की एक और खास बात यह है कि इसमें अन्य लोन की तुलना में मासिक किस्त नहीं चुकानी पड़ती है, लेकिन इसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार भुगतान कर सकते हैं। जिस दिन आपका पूरा भुगतान जमा हो जाएगा, उस दिन आपको अपना सोना वापस मिल जाएगा।

 

संपत्ति ऋण/Property Loan:

 

एक संपत्ति ऋण (संपत्ति पर ऋण) एक ऋण है जो आपके संपत्ति दस्तावेजों के खिलाफ दिया जाता है। यानी इस लोन में आपको अपनी संपत्ति के कागजात गिरवी रखने होते हैं, या आप समझ सकते हैं कि संपत्ति को सुरक्षा के रूप में रखना होता है। यह लोन आमतौर पर लंबी अवधि के लिए यानी अधिकतम 15 साल की अवधि के लिए लिया जाता है। संपत्ति ऋण आपको आपकी संपत्ति के मूल्य का 40 से 60 प्रतिशत के बीच का लोन देता है।

 

मगर एक ध्यान देने वाली बात उधारकर्ता को समय पर पुनर्भुगतान करने की आवश्यकता होती है ताकि उसे कार्यकाल के अंत में गिरवी रखी गई संपत्ति की कस्टडी मिल सके। ऐसा करने में विफल होने पर, ऋणदाता डिफॉल्ट धन की वसूली के लिए संपत्ति बेच सकता है।

 

गृह ऋण/Home Loan:

 

होम लोन एक ऐसा लोन है जिसमें आप या तो नया घर बनाते हैं या नया घर खरीदते हैं! होम लोन लेते समय आप घर की कीमत, रजिस्ट्रेशन फीस, स्टांप ड्यूटी आदि सभी खर्चे जोड़कर बैंक से लोन ले सकते हैं। होम लोन में आपको घर की कुल लागत का 70 से 85 फीसदी तक लोन मिल सकता है। बाकी रकम का इंतजाम आपको खुद करना होगा। इन-होम लोन पर आपको सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट भी मिलता है।

 

प्रतिभूतियों पर ऋण/Loan against Securities:

 

यह एक ऐसा loan है जिसमें बैंक दिए गए loan के प्रति सुरक्षा मांगता है। यह सुरक्षा कुछ भी हो सकती है जैसे – आपके शेयर, म्यूचुअल फंड, बीमा, बांड, पीएफ और एफडी आदि। आप इनमें से एक या अधिक कागजात बैंक में गिरवी रखकर बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। बैंक आपसे कागजात इशलिये मांगता है क्योंकि यदि आप भविष्य में ऋण नहीं चुका सकते हैं, तो बैंक आपके कागजात को जब्त कर लेता है और उन्हें बाजार में बेचता है और आपकी ऋण राशि एकत्र करता है। आप इन सिक्योरिटी पेपर्स को बैंक में गिरवी रखकर भी ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

 

शिक्षा ऋण/Education Loan:

 

एजुकेशन लोन वह होता है जो उच्च शिक्षा के लिए दिया जाता है। शिक्षा ऋण देने से पहले बैंक छात्रों की काफी जानकारी लेते है।

 

अधिकांश शिक्षा ऋण उन छात्रों को दिया जाता है जो अच्छे विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं या किसी दूसरे देश में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं। अधिकांश समय यह देखा गया है कि यह ऋण केवल उन छात्रों के लिए उपलब्ध है जो इसे चुका सकते हैं।

 

इसके लिए bank माता-पिता की आय या छात्र किस विश्वविद्यालय में जा रहा है, उस विश्वविद्यालय की रेटिंग क्या है और वहां कैंपस प्लेसमेंट का अनुपात क्या है, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही loan देता है। एजुकेशन लोन में ब्याज की दर लोन की राशि पर आधारित होती है।  यह ब्याज दर 7 फीसदी से लेकर 9 फीसदी तक हो सकती है।

 

कार ऋण/Car Loan:

 

कार लोन एक ऐसा लोन है जिसमें आपको बैंक से नया या पुराना वाहन मिल सकता है। कार ऋण में बैंक आपको एक निश्चित या अस्थायी दर प्रदान करता है। इस फिक्स्ड रेट में जब आप कर्ज ले रहे हों तो ब्याज दर कर्ज चुकाने तक एक समान रहेगी। वाहन की ऑन-रोड कीमत के आधार पर, ऋण राशि ऋणदाता के द्वारा निर्धारित की जाएगी। वाहन प्राप्त करने के लिए आपको डाउनपेमेंट के लिए तैयार होना पड़ सकता है क्योंकि ऋण शायद ही कभी 100% तक financing प्रदान करता है। जब तक full repayment नहीं हो जाती तब तक वाहन ऋणदाता के स्वामित्व में रहेगा।

 

कॉर्पोरेट ऋण/Corporate Loan:

 

कॉरपोरेट ऋण एक ऐसा ऋण है जिसमें बैंक टाटा, बिड़ला, अंबानी आदि जैसे बड़े उद्योगपतियों को ऋण प्रदान करता है। पहले के नियम के अनुसार, बैंक किसी भी बड़ी कंपनी को उसकी मूल पूंजी का 55 प्रतिशत तक ऋण दे सकता है। लेकिन कुछ ही दिनों में डिफॉल्टरों की संख्या में वृद्धि के मामलो को देखते हुए आरबीआई ने 1 जनवरी 2019 से नए नियम पेश किए हैं। बैंक किसी भी बड़ी कंपनी को उसकी कोर पूंजी का अधिकतम 25 प्रतिशत तक ऋण दे सकता है, ताकि बैंक अधिक जोखिम के खतरों से बच सके ।

 

लोन लेने से पहले ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें –

 

ब्याज दर/Interest Rate:

किसी भी bank से कर्ज लेने से पहले हमें उसकी ब्याज दर (Interest rate) के बारे में पता होना चाहिए। नहीं तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। हमें कई बैंकों की ब्याज दर की तुलना करके जहां से बैंक की ब्याज दर सबसे कम है, वहां से कर्ज लेना चाहिए ताकि हमें कम से कम interest देना पड़े।

 

CBIL / Credit Score ( विश्वस्तता की परख):

लोन लेने से पहले हमें अपना क्रेडिट स्कोर पता होना चाहिए। क्योंकि बैंक आपको आपके क्रेडिट स्कोर का ध्यान रखने के बाद ही लोन देता है। यदि आपका credit स्कोर अच्छा नहीं है या बहुत कम है, तो आपको ऋण प्राप्त करने में मुश्किल हो सकती है और उच्च ब्याज दर देना पड़ सकता है।

 

Credit /CBIL स्कोर क्या होता है तो हम आपको बता दें कि यह एक ऐसा स्कोर होता है जो आपके द्वारा पहले लिए गए लोन या बैंक ट्रांजैक्शन को देखकर तय किया जाता है। हालांकि, 750 से ऊपर का क्रेडिट स्कोर बहुत अच्छा माना जाता है।

 

प्रक्रमण फीस/Processing fees:

लोन लेने से पहले हमें bank या संस्था की लोन प्रोसेसिंग फीस (processing fees ) जान लेनी चाहिए क्योंकि ये सभी फीस अलग-अलग होती हैं। इसके अलावा कई बैंकों या संस्थानों में कई तरह के छिपे हुए शुल्क होते है जिसकी जानकारी होनी चाहिए , इसलिए हमें इन सभी बातों को जानना चाहिए।

 

अगर आप लोन लेना चाहते हैं तो ऊपर दी गई बातों का ध्यान रखें और सही जगह पर लोन के लिए अप्लाई करें। लोन अप्लाई करने से पहले आपको अपनी आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि लिया हुआ कर्ज आपको वापस करना होता है, इसलिए जरूरत के हिसाब से लोन लेना चाहिए। आप लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं, और आप बैंक या किसी अन्य वित्तीय संस्थान में जाकर ऑफलाइन भी आवेदन दे सकते हैं।

 

Loan लेने के फायदे :

 

  •  लोन लेने से आपके वे सभी सपने जल्दी सच हो जाते जिनके लिए आप दिन रात कड़ी मेहनत करते है मगर थोड़ी सी कसर रह जाती है। ऐसे में loan लेने से आपके सपने आज सच होते है और EMI से उसकी राशि को बाद में भर दे।
  • Emergency के वक़्त लोन लेना आपके लिए सबसे उत्तम उपाय होता है , यहाँ इमरजेंसी से मेरा मतलब ऐसी स्तिथि जिससे आपको हर हाल में निपटना है।
  • लोन लेने से आपके बचत और इन्वेस्टमेंट का काम एक साथ हो जाता है जो आपके लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो सकता है जैसे home लोन जहाँ आप घर के लिए लोन लेते है जहाँ आप EMI की माध्यम से हर महीने इसकी क़िस्त चुकाते है। अक्सर देखा गया है की लोग सही तरह से अपने भविष्य के लिए बचत नहीं कर पाते है ऐसे में होम लोन लेकर आप बचत और निवेश दोनों कर सकते है।
  • Capital  लोन लेकर आप अपने बिज़नेस को ग्रो कर सकते है और अपने लिए अधिक मुनाफा कमा सकते है।
  • loans लेना आपके जिमेदारियो को पूरा करने का जरिया होता है चाहे बच्चो के पढाई, शादी, घर या अन्य किसी भी प्रकार के दायित्वा को निभाने का अच्छा जरिया होता है.

आवश्यक दस्तावेज़/Documents Required for taking a loan:

 

वेतनभोगी आवेदक के लिए:

  • फोटो के साथ आवेदन पत्र
  • पहचान और पते का प्रमाण
  • पिछले 6 महीने का बैंक खाता विवरण
  • नवीनतम वेतन पर्ची
  • फॉर्म 16

स्व-नियोजित आवेदक/Self-Employed Applicants:

  • फोटो के साथ आवेदन पत्र
  • पहचान और पते का प्रमाण
  • पिछले 6 महीने का बैंक खाता विवरण
  • व्यापार का प्रमाण
  • व्यापार प्रोफ़ाइल
  • पिछले तीन वर्षों के लिए आयकर रिटर्न (स्वयं और व्यवसाय)
  • पिछले तीन वर्षों के लाभ / हानि विवरण और बैलेंस शीट
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