Plastic Ban Karna Kyu Zaruri Hai ? भारत में किन राज्यों में प्लास्टिक प्रतिबंधित है?

प्लास्टिक हमारे महासागरों को प्रदूषित कर रहा है, वन्यजीवों को मार रहा है और हमारे स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुँचा रहा है, और इससे छुटकारा पाने के लिए व्यापक आह्वान किए जाने की ज़रूरत है ।

 

प्रदूषण को कम करने के अपने प्रयासों के हिस्से के रूप में भारत अगले साल तक अधिकांश एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा देगा – लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए केवल पहला कदम है।

 

भारत की केंद्र सरकार ने देश में प्लास्टिक प्रदूषण को दूर करने के अपने 2019 के प्रस्ताव के बाद इस साल अगस्त में प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। अधिकांश एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध 1 जुलाई, 2022 से प्रभावी होगा।

 

जैसा की आप जानते है की भारत शुरू से ही इस बात पर जोर देता रहा है की हमे अपने पर्यावरण के बचाव के लिए कुछ ऐसे उपायों को अपनानें की ज़रूरत है जिससे बीते कुछ दिनों में पुरे विश्व को मुश्किल में डाल चूका था चाहे वह सुनामी के रूप में हो या भूकंप जैसी विनाशकारी स्तिथि। 

 

 

Plastic Ban Karna Kyu Zaruri Hai

 

 

परन्तु इस बात को लेकर विकसित देश आना कानि करते रहे है जबकि आधुनिकीकरण के कारण सबसे जाएदा प्रकृति दोहन इन देशो ने किया , और बात जब जिम्मेवारी की आयी तब सब कुछ विकासशील देशो पर थोपना। फिर भी भारत ने वर्ल्ड के सामने इस बात को बहुत  साहस के साथ कहा की हम तो पर्यावरण के रक्षा के लिए युगो युगो से प्रतिबद्ध है। हमारे संस्कृति ने इसे विरासत में हमे दिया है हम पशु पंक्षी और पेड़ो की पूजा करते आये है। हम ये किसी अन्धविश्वाश में नहीं बल्कि ये बात हमारे वेदो और ग्रंथो में वर्णित है की हमे प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए। 

 

 
यह बयान कि भारत 2022 तक एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक को समाप्त कर देगा, भारत सरकार द्वारा 2018 में की गई प्रतिबद्धता का दोहराव था। विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून, 2018) को, तत्कालीन पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने एकल-उपयोग की घोषणा की थी। 2020 तक प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा।
 
 

प्लास्टिक हानिकारक क्यों है?

 

प्लास्टिक के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले रसायन मानव शरीर के लिए जहरीले और हानिकारक होते हैं। प्लास्टिक जैसे लेड, कैडमियम और मरकरी जैसे रसायन सीधे इंसानों के संपर्क में आ सकते हैं। ये विषाक्त पदार्थ कैंसर, जन्मजात विकलांगता, प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्याओं और बचपन के विकास के मुद्दों का कारण बन सकते हैं। हमे इस बात पर जोर देने की आवश्यकता इसलिए ज़रूरी है की ये  सभी रूपों में मानव सभ्यता के लिए हानिकारक है। 

 

प्लास्टिक के 7 प्रकार कौन से हैं?

 

    •  पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET या PETE)
    •  उच्च घनत्व पॉलीथीन (एचडीपीई)
    •  पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी या विनाइल)
    • कम घनत्व पॉलीथीन (एलडीपीई)
    •  पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी)
    •  पॉलीस्टाइनिन (PS या स्टायरोफोम)
    •  अन्य।

 

प्लास्टिक का आविष्कार किसने किया ?

 

1907 में लियो बेकलैंड ने बेकेलाइट का आविष्कार किया, जो पहला पूरी तरह से सिंथेटिक प्लास्टिक था, जिसका अर्थ है कि इसमें प्रकृति में पाए जाने वाले कोई अणु नहीं थे। बेकलैंड तेजी से विद्युतीकरण करने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका की जरूरतों को पूरा करने के लिए, एक प्राकृतिक विद्युत इन्सुलेटर, शेलैक के सिंथेटिक विकल्प की खोज कर रहा था।

 

प्लास्टिक अच्छा है या बुरा ?

 

प्लास्टिक हमारे महासागरों को प्रदूषित कर रहा है, वन्यजीवों को मार रहा है और हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा रहा है, और इससे छुटकारा पाने के लिए व्यापक आह्वान किए जा रहे हैं।  जिस तरह से हम इसका उपयोग करते जा रहे हैं, उस प्लास्टिक का एक बड़ा भाग , अधिकांश तो लैंडफिल (जमीन के अंदर जमाना ) पर, कछुओं और समुंद्री जीवो के पेट में, या हमारे शरीर में बहुत ही हानिकारक प्रभाव डाल रहा है । माइक्रोप्लास्टिक सबसे पहले जानवरों में उनके भोजन के माध्यम से प्रवेश हो जाता है, और फिर यही प्लास्टिक मानव खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करता है।

 

प्लास्टिक किस राज्य में प्रतिबंधित है ?

 

महाराष्ट्र प्लास्टिक बैग की बिक्री, उपयोग और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाला 18वां राज्य बन गया है। जिन अन्य राज्यों ने पूर्ण प्रतिबंध लगाया है उनमें राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश, अन्य शामिल हैं। ऐसे राज्यों कुल संख्या 18 के आस पास है। 

 

प्लास्टिक पर सबसे पहले किस देश ने प्रतिबंध लगाया ?

 

आपको ये  जानकर बहुत ही जाएदा गर्व होगा की  भारत ने जहाजों पर सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बनकर प्लास्टिक पर जंग के खिलाफ कड़ा बयान दिया था।

 

क्या भारत में प्लास्टिक जलाना गैरकानूनी है ?

 


दिसंबर 2016 में, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वायु प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत बताते हुए 25,000 रुपये तक के जुर्माने के साथ खुले में कचरा जलाने पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। भारत में “किसी भी सूखे कचरे या कचरे को जलाना प्रतिबंधित है।

 

क्या कहता है नया नियम ?

 

1 जुलाई, 2022 से पॉलीस्टाइनिन और विस्तारित पॉलीस्टाइनिन सहित कुछ एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पादों का निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित होगा।

 

एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं की पहली श्रेणी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें गुब्बारे, झंडे, कैंडी, आइसक्रीम और ईयरबड्स में उपयोग की जाने वाली प्लास्टिक की छड़ें और सजावट में उपयोग किए जाने वाले थर्मोकोल शामिल हैं।

 

दूसरे चरण में प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, तिनके, ट्रे, रैपिंग और पैकिंग फिल्मों में इस्तेमाल होने वाली मिठाई के बक्से, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, स्टिरर और प्लास्टिक के बैनर जिनकी मोटाई 100 माइक्रोन से कम है, को दूसरे चरण में हटा दिया जाएगा। 

 

फ्रांस की पहल 

 

France के पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि फ्रांस प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए जनवरी 2022 से लगभग सभी फलों और सब्जियों की प्लास्टिक पैकेजिंग पर प्रतिबंध लगाएगा। उनका ये भी कहना था की यह अनुमान लगाया गया है कि 37% फल और सब्जियां पैकेजिंग के साथ बेची जाती हैं और उम्मीद है कि यह उपाय प्रति वर्ष एक अरब से अधिक बेकार प्लास्टिक पैकेजिंग वस्तुओं को रोक देगा।

 

 

 

 

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