Lata Mangeshkar 92nd Birthday , भारत रत्न लता जी का जन्मदिन

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स्वर सामग्री लता मंगेशकर जी का आज 92 साल की हुई। फैंस दे रहे है बधाई

 

स्वर सामग्री लता मंगेशकर जी का आज 92 वां जन्मदिन मनाया पुरे देश में मनाया जा रहा है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपके सामने स्वर सामग्री भारत रत्न लता मंगेशकर जी के बारे में कुछ ऐसी रोचक बातें आपके सामने लेकर आए हैं उसे जानकर आपको आश्चर्य होगा। जहाँ पूरा देश आज लता मंगेशकर जी का 92वा जन्मदिन मना रही है. भारत रत्न लता मंगेशकर जी आज 92 साल की हो गई है. 

 

लता जी के फैंस दे रहे है बधाई 

 

इस पर कोई शक नहीं है कि लता मंगेशकर जी की फैन दुनिया में चारों ओर मौजूद है आज इस खुशी के मौके पर लता मंगेशकर जी को बधाई और शुभकामनाएं देने में कोई भी देरी नहीं कर रहे हैं सोशल मीडिया साइट से लेकर न्यूज़पेपर और सभी जगह पर भारत रत्न लता मंगेशकर जी के जन्मदिन पर उनको बधाइयां देने का होड़ मची हुई है और ऐसा हो भी क्यों ना कौन उनका फैन नहीं है. 

 

अगर संगीत की दुनिया की बात करें तो उनके नाम भारत के संगीत इतिहास में सबसे ऊंचा रहेगा जैसा कि आप जानते हैं कि वह 50,000 से भी अधिक गीतों में अपनी आवाज दे चुके हैं उन्हें स्वर कोकिला के नाम से भी जाना जाता है. 

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि लता मंगेशकर जी सिर्फ हिंदी में ही 1000 से अधिक गीतों में अपनी आवाज दे चुकी है उन्हें साल 1989 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

 

2001 में उन्हें भारत रतन से सम्मानित किया गया 

 

जैसा कि आप जानते हैं लता मंगेशकर जी को भारत रत्न कहां जाता है यह सम्मान जो कि भारत के एक नागरिक के लिए सबसे सर्वोच्च सम्मान के रूप में होता है जो उनके द्वारा भारत को दिए गए विशिष्ट कार्यों और सेवा के लिए  प्रदान किया जाता है. साल 2001 में लता मंगेशकर जी को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया था.

 

लता मंगेशकर जी ने आखिर शादी क्यों नहीं की ? 

 

 लता मंगेशकर जी ने अभी तक शादी नहीं की यह बात अक्सर उनके फैंस जानना चाहते हैं कि आखिर उन्होंने  शादी क्यों नहीं है कुछ खबरों की माने और कुछ उनके जानकारों की राय के अनुसार उनको भी कभी प्रेम हुआ था मगर जिससे वे प्रेम करते थे उनसे उनकी शादी नहीं हो पाई इसीलिए उन्होंने आज तक शादी नहीं की है.

 

कुछ खबरों की माने तो लता मंगेशकर जी को डूंगरपुर राजघराने के राजा महाराज राज सिंह जी से प्यार हुआ था। यह महाराजा लता मंगेशकर जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर के दोस्त हुआ करते थे।  लेकिन किसी न किसी कारण से यह प्रेम कथा पूरी ना हो सकी जिस कारण से शायद लता जी ने शादी की। 

 

कहा यह भी जाता है कि महाराजा राज सिंह ने अपने माता-पिता से यह वादा किया था  कि वह किसी आम घर की लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे और महाराजा राज सिंह ने यह वादा मरते दम तक निभाया भी.

 

हालांकि इस संबंध में जब लता मंगेशकर जी से पूछा जाता है तो उनका उत्तर रहता है कि उनके सर पर उनकी पूरे घर की जिम्मेदारी रहती थी जिस कारण से उन्होंने निर्णय लिया कि वे कभी शादी नहीं करेंगे और अविवाहित ही रहेंगे।

 

आपको यह जानकर सबसे बड़ा आश्चर्य होगा कि लता जी की तरह महाराजा राज सिंह ने भी कभी शादी नहीं की पूरे जीवन अविवाहित ही रहे. राज सिंह को क्रिकेट का बहुत ही शौकीन माना जाता था इसी कारण से वह कई सालों तक बीसीसीआई से जुड़े रहे जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के नाम से जानी जाती है। 

 

आपकी जानकारी के लिए हम बताते चलें कि राज सिंह लता मंगेशकर जी को प्यार से मिट्ठू केह कर पुकारा करते थे  उनके पास एक टेप रिकॉर्डर हुआ करता था लता मंगेशकर जी के कुछ चुनिंदा गानों को रिकॉर्ड करके रखते थे और उन्हें सुना करते थे महाराजा राज सिंह का देहांत 12 सितंबर 2009 को हुआ.

 

एक बार लता जी को मारने की कोशिश गयी 

 

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लता मंगेशकर के आवाज के दीवाने बहुत से थे लेकिन उन दीवानों में से कुछ  बेगाने भी थे जो उनकी जान की दुश्मन थे। इससे जुड़ा एक बहुत ही बड़ा किस्सा हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं।

 

जब लता मंगेशकर जी की उम्र 33 वर्ष की थी तब उनको जान से मारने की कोशिश की गई थी अब ऐसा क्यों हुआ था यह आप समझ सकते हैं कि जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा कोई भी डायरेक्टर  म्यूजिक कंपोजर की पहली पसंद लता मंगेशकर जी हो तो उनकी ख्याति से जलने वाले ऐसे लोगों की संख्या भी बहुत ही ज्यादा थी अपने समय में लता मंगेशकर जी के आस पास भी कोई भी गायक नहीं था जो उन को टक्कर दे सके इस से जलकर उनके कुछ दुश्मनों ने उन्हें मारने की कोशिश भी की थी.  लता मंगेशकर जी को जब जहर दिया गया तब वह भगवान की कृपा से किसी तरह से उससे बचने में सफल रही।

 

 उस वक्त वे  3 महीनों तक अस्पताल में भर्ती थी उस वक्त उन्होंने एक समाचार पत्रिका को अपना इंटरव्यू दिया और इस इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें पता है कि किसने उन्हें मारने की कोशिश की  थी। जब लता मंगेशकर जी अपनी सफलता के चरम पर थी तो उन्हें ऐसा कभी नहीं लगा कि उनकी कोई दुश्मन भी हो सकते हैं। अपनी सफलता के मुकाम पर रहेगी तो उन्हें ऐसा भी दिन देखना पड़ेगा 1 दिन का वाक्या ऐसा होता है कि अचानक से उन्हें लगता है कि उनके पेट पर बहुत ही तेज दर्द हो रहा है और उन्होंने हरे रंग की उल्टियां करने का शिकायत भी की , आनन-फानन में डॉक्टर को बुलाया जाता है उस डॉक्टर ने लता मंगेशकर जी को कहा कि उन्हें स्लो प्वाइजन दिया जा रहा है यानी कि धीमा जहर.

 

 

लता मंगेशकर जी को स्लो पॉइजन दिया जा रहा था और यह काम उनके कुक ने किया था जिस दिन लता मंगेशकर जी की तबीयत बिगड़ी थी उस दिन उनका कुक वहां से भाग गया था उसने अपना वेतन भी नहीं लिया था उस दिन के बाद से उषा मंगेशकर जी  ने लता मंगेशकर जी की रसोई का सारा भार अपने हाथों पर ले लिया इस तरीके से लता मंगेशकर को इस बीमारी से उबरने में कुल मिलाकर 3 महीनों का समय लगा उनका इलाज उनकी फैमिली डॉक्टर ने किया.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लता मंगेशकर जी को  निजी तौर पर शुभकामनाएं  भेजी है , मोदी जी ने Twitter  पर लिखा है कि लता मंगेशकर जी की मधुर आवाज  से पूरा विश्व परिचित है उन्हें इस बात का बहुत ही गर्व है कि लता मंगेशकर जी को भारतीय संस्कृति और परंपरा को बेहद करीब से जीने का सुख मिला जिस कारण से उन्हें बहुत गर्व महसूस होता है कि वह एक ऐसे संस्कृति को आगे बढ़ाने में भारत का गौरव बढ़ा रही है।

 

प्रधानमंत्री Modi जी आगे और लिखते हैं कि स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का आशीर्वाद जब मिलता है तो उनके लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता है और उन्हें मजबूती प्रदान करता है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लिखते हैं की भी लता जी के स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं। 

 

 

 

भारत रत्न से सम्मानित लता दीदी ने  साल 1942 में अपने करियर की शुरुआत की थी,  उनकी ख्याति में इजाफा एक फिल्म  जिसका नाम महल है के गीत से हुई थी जिसके बोल कुछ इस तरीके से थे आएगा आने वाला.

 

 लता मंगेशकर जी ने दुनिया भर की 36 भाषाओं में कुल मिलाकर 50,000 से ज्यादा गाने गाए हैं।  लता मंगेशकर जब 13 साल की थी तो उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया था इसके बाद उनके परिवार की जिम्मेदारी लता मंगेशकर जी पर हो गई थी। 13 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म पहली मंगलागौर से डेब्यू किया था मंगेशकर जी की पहली कमाई  ₹25  की थी.

 

 पिता के सामने गाने से डरती थी मंगेशकर

 

आपको यह जानकर अजीब लगेगा की कई वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज करने वाले हैं स्वर कोकिला अपने पिता के सामने गाना गाने से डरती थी लता मंगेशकर जी ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि पिता जी जिंदा होते तो मैं शायद सिंगर नहीं होती , लता मंगेशकर जी के पिताजी दीनानाथ मंगेशकर को यह मालूम ही नहीं था किसी उनकी बेटी गाना गा सकती है। 

 

वीर सावरकर की सलाह ने बदली जिंदगी

 

यतींद्र मिश्रा के द्वारा लिखे गए बायोग्राफी में लता जी के बारे में यह बताया गया है कि लता मंगेशकर जी ले अपनी किशोरावस्था में समाज सेवा का प्रण लिया था वह राजनीति में आना चाहती थी किताब के मुताबिक वीर सावरकर ने उनसे कहा कि आप एक ऐसे पिता की संतान हैं जिनका शास्त्रीय संगीत के जगह पर नाम चमक रहा है अगर आपको देश की सेवा ही करनी है तो आप संगीत के जरिए भी ऐसा कर सकती है इसी के साथ लता मंगेशकर जी का मन बदलाव और उन्होंने संगीत को अपना जीवन मानकर अपने देश के प्रति समर्पित करने का प्रण लिया. 

 

खाने पीने की  शौकीन

 

यतींद्र नाथ मिश्रा द्वारा लिखी लता मंगेशकर की बायोग्राफी लता सिंगाथा के मुताबिक लता मंगेशकर जी को मेहमान नवाजी करने का बहुत ही बड़ा शौक था जो कोई भी उनके मेहमान नवाजी से परिचित था उनको इस बात का बहुत ही फक्र महसूस होता होगा।  लता दीदी के हाथों का बना चिकन जिसने खाया हुआ उसे भूल नहीं पाया होगा, चिकन के अलावा लता दीदी को सूजी का हलवा भी बहुत अच्छा लगता था और जिसे वह बनाया करती थी और अपने मेहमानों के सामने परोसा करती थी उन्हें सी फूड भी बहुत पसंद था खासकर गोवा की फीस और समुद्री  झींगे उनके पसंदीदा  डिश हुआ करती थी। 

 

 

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