ITR Kaise file kare – How to file ITR explained in hindi

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भारत में, प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में आयकर रिटर्न यानी ITR दाखिल करना होता है। वेतनभोगी व्यक्तियों, HUF, व्यावसायिक फर्मों और कंपनियों सभी को रिटर्न दाखिल करना होता है।

अगर आप टैक्स देते हैं तो टैक्स के लिहाज से यह महीना काफी अहम रहने वाला है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2021 है। यह लेख AY 2021-2022 के लिए  ITR फॉर्म और भारत में ITR फाइल करने के अलग अलग तरीको के बारे में पूरी जानकारी देगा। आइये समझते हैं ITR फाइल करने का पूरा प्रॉसेस AY 2021 के लिए विस्तार से: 

सबसे पहले ये जानने की जरुरत है आखिर आपको किन मामलो में ITR दाखिल करना चाहिए ?

भारत में आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है, यदि वह निम्नलिखित में से किसी भी श्रेणी में आता है:

      • यदि 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की सकल आय 2.5 लाख या उससे अधिक है

      • यदि 60 से 80 वर्ष के बीच के व्यक्ति की सकल आय 3 लाख या उससे अधिक है।

      • यदि 80 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति की सकल आय 5 लाख या उससे अधिक है। 
      • यदि करदाता के पास आय के कई स्रोत हैं।

अंत में, यदि उन्होंने चालू वित्त वर्ष के दौरान किसी विदेशी संपत्ति से आय अर्जित की है।

Current slab rate के अधिक जानकारी के लिए इनकम टैक्स के ऑफिसियल वेबसाइट पर विजिट करके अधिक जानकारी प्राप्ति कर सकते है। 

इसके अलावे कुछ मामलों में भी आयकर भरना ज़रूरी हो जाता है यदि आपने 1 लाख रुपये से अधिक के बिजली बिलों का भुगतान किया हो , या एक या एक से अधिक चालू बैंक खातों में कुल मिलाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि रखी हो और स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा पर कुल मिलाकर 2 लाख रुपये से अधिक खर्च किए हो।  

आपको कौन सा आईटीआर फॉर्म फाइल करना है?

प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आय और श्रेणी के आधार पर आईटीआर का एक अलग फॉर्म दाखिल करना होता है। यदि करदाता गलत आईटीआर फॉर्म चुनता है, तो उन्हें फिर से आईटीआर दाखिल करना होगा। 

आईटीआर-1 सहज/ITR-1 Sahaj:  यह फॉर्म केवल 50 लाख की कुल अधिकतम आय वाले resident persons के लिए है। जिनकी आय वेतन, पेंशन, इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी , अन्य स्रोत, पारिवारिक पेंशन और कृषि आय से होती है। 

आईटीआर 2/ITR-2 : ITR 2 फॉर्म उन Individual और HUF के लिए है जो income फ्रॉम बिज़नेस एंड प्रोफेशन को छोड़कर यदि किसी कंपनी के निदेशक या कंपनी के गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों के मालिक रहते हुए ,और एक से अधिक गृह संपत्ति रखने से हुए आय करते है तो उन्हें आईटीआर -2 दाखिल करना होगा। 

सरल शब्दों में कहे तो यदि कोई व्यक्ति ITR-1 के लिए पात्र नहीं है और उस व्यक्ति या HUF की व्यवसाय या पेशे से कोई आय नहीं है, तो ITR-2 उनको भरना होगा। 

ITR-3/आईटीआर 3 : ITR-3 को उन व्यक्तियों और HUF द्वारा दाखिल किया जाना चाहिए, जिन्हें किसी व्यवसाय या पेशे से लाभ या आय हो रहा है। 

ITR-4 Sugam/आईटीआर-4 सुगम : HUF और LLP के अलावा अन्य फर्म जिनकी कुल आय 50 लाख तक है, उन्हें आईटीआर-4 दाखिल करना चाहिए। यदि आय की गणना आयकर अधिनियम की धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत की जाती है। हालांकि, अगर व्यापार से आय 2 करोड़ से अधिक है तो करदाता को आईटीआर-3 दाखिल करना होगा।

आईटीआर-5/ITR-5 : यह आयकर रिटर्न फर्मों, LLP , AOP (व्यक्तियों का संघ) और BOI  (व्यक्तियों का निकाय), आर्टिफीसियल जुरिडिकल पर्सन  (AJP ), मृतक की संपत्ति (Estate of deceased), दिवालिया की संपत्ति, व्यापार ट्रस्ट और निवेश कोष के लिए है।

आईटीआर -6/ITR-6 : धारा 11 के तहत छूट नहीं चुनने वाली कंपनियों को आईटीआर-6 दाखिल करना होगा।

आईटीआर-7/ITR-7 : जिन कंपनियों को धारा 139(4ए), 139(4बी), 139(4सी) और 139 (4डी), धारा 139(4ई), या धारा 139(4एफ) के तहत रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है, उन्हें आईटीआर-7 दाखिल करना होगा।

 

AY 2021-22 के लिए ITR कैसे फाइल करें

  • सबसे पहले https://www.incometax.gov.in/iec/foportal पर लॉग इन करें. यहां ई-फाइल>इनकम टैक्स रिटर्न्स>फाइल इनकम टैक्स रिटर्न पर जाएं.
  • यदि आप एक नए उपयोगकर्ता हैं, तो आप ‘रजिस्टर’ बटन का उपयोग करके अपना registration करा सकते हैं।
  • यदि आपने पहले ही पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है, तो आप केवल ‘लॉगिन’ बटन पर क्लिक कर सकते हैं।
    अन्यथा, ‘ई-फाइल’ टैब के तहत ‘फाइल इनकम टैक्स रिटर्न‘ विकल्प पर क्लिक करें।
  • उपयुक्त आईटीआर फॉर्म चुनें जो आप पर लागू हो। आपको अपने बैंक खाते का विवरण भी दर्ज करना होगा। यदि आपने इसे पहले ही प्रोवाइड कर दिया है, तो आपको विवरणों को pre-validate करना होगा।
  • इसके बाद, आपको एक नए वेब पेज पर भेज दिया जाएगा जहां आप अपने ITR के पहले से भरे हुए विवरण की जांच कर सकेंगे। विवरण जांचें और यदि आवश्यक हो तो परिवर्तन करें। जरूरी जानकारियां भरकर अगर पेमेंट बनता है तो उसका भुगतान कर दें। एक बार जब आप सुनिश्चित हो जाएं कि फॉर्म में दिए गए सभी विवरण सही हैं, तो इसकी पुष्टि करें और इसे सत्यापित करें।

वेरिफिकेशन न भूलें

सबसे जरूरी बात ये कि इलेक्ट्रॉनिक मोड (Electronic Mode) से बिना डिजिटल सिग्नेचर यानी बिना ई-वेरिफिकेशन आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले करदाता को इसे ITR अपलोडिंग के 120 दिनों के अंदर वेरिफाई करना होता है।

इसके लिए 4 तरीके हैं-

1. आधार OTP के जरिए
2. नेट बैंकिंग के जरिए ई-फाइलिंग (e-filing) अकाउंट में लॉग इन करके
3. इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) के जरिए
4. ITR-V के दोनों तरफ दस्तखत की हुई कॉपी को बैंगलुरु (Bengaluru) भेजकर 

ध्यान रहे 120 दिनों के अंदर ITR-V फाइल न करने पर रिटर्न को ‘नहीं भरा हुआ’ यानी अमान्य घोषित किया जा सकता है.

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