Havana सिंड्रोम ने कराई- US के VP के वियतनाम के दौरे में देरी

अमेरिका के VP कमला हैरिस का वियतनाम दौरे में देरी ! कारण रहसयमय मानसिक बीमारी Havana सिंड्रोम

अमेरिका के VP कमला हैरिस का वियतनाम दौरे में देरी ! कारण रहसयमय मानसिक बीमारी Havana सिंड्रोम।

हनोई में अमेरिकन दूतावास ने वाईस प्रेसिडेंट कमला हैरिस के सिंगापुर से वियतनाम दौरे में देरी का कारण एक रहस्यमय बीमारी बताया। अमेरिकन गवरमेंट ने ये जानकारी दी है की United States के VP के वियतनाम दौरे में देरी का कारण एक बीमारी है जिसे हवाना सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है जो सबसे पहले 2016 -2017 साल में सर्वप्रथम अमेरिकन गवरमेंट ऑफिसियल , राजनयिकों पे देखा गया था जो क्यूबा, हवाना में कार्यरत थे। 

सुश्री हैरिस को  24 august की शाम सिंगापुर में तय कार्यक्रम भाषण जो की साउथ चाइना सी में  चीन के अतिक्रमण के सम्बन्ध में था देने के बाद हनोई के लिए निकलना था। लेकिन उड़न में तीन घंटे से जाएदा की देरी हुई और सुश्री हैरिस के मुख्य प्रवक्ता सिमोन सैंडर्स ने स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया। मगर इसका मुख्य कारण Havana सिंड्रोम ही है। सुश्री सैंडर्स ने स्वेच्छा से कहा कि सुश्री हैरिस “ठीक” थीं, हालांकि पत्रकारों ने 24 अगस्त को उपराष्ट्रपति को कई बार देखा था और उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंतित होने का कोई कारण नहीं था। सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद, उपराष्ट्रपति की यात्रा को जारी रखने का निर्णय लिया गया।

क्या है Havana सिंड्रोम ?

अमरीकन सरक़ार फिलहाल पक्के तौर पर इस बीमारी के बारे में खुल कर कुछ नहीं बता पा रही है। हलाकि वहां के प्रसिद्ध अखबार The New यॉर्कर का कहना है की इस पर फिलहाल शोध चल रहा है की आखिर हवाना और क्यूबा में स्थापित अमेरिकन कर्मचारी को ही ये क्यों होता है।

सिंड्रोम के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह संभवतः माइक्रोवेव विकिरण के कारण होता है. Havana Syndrome की खोज पहली बार 2016-2017 में क्यूबा में की गई थी।  अमेरिका और कनाडा के राजनयिकों ने चक्कर आना, संतुलन बिगड़ना, सुनने की क्षमता में कमी और घबराहट जैसे लक्षणों की शिकायत की थी ।  

कुछ वरिष्ठ अधिकारी रूस, चीन को मानते है जिम्मेदार। 

The New Yorker के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप और वर्तमान राष्ट्रपति बाइडेन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को संदेह है कि सिंड्रोम के लिए रूसी और चीन जिम्मेदार हैं। उनका अनुमान है कि रूसी सेना के खुफिया विभाग के लिए काम करने वाले माइक्रोवेव-विकिरण उपकरणों से अमेरिकी अधिकारियों को निशाना बनाया जा रहा हैं ताकि उनके कंप्यूटर और स्मार्टफोन से डेटा चोरी किया जा सके। 

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