French ambassador will return to the US. France US friendship

French ambassador will return to US

बिडेन, मैक्रों के बीच वार्ता के बाद फ्रांस के राजदूत अमेरिका लौटेंगे

 

पिछले एक सप्ताह के गतिरोध और अपने राजदूतो को वापस बुलाने के बाद आज फ्रांस के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन अगले सप्ताह अपने राजदूत को संयुक्त राज्य अमेरिका वापस भेजेंगे, जब राष्ट्रपति जो बिडेन ने सहमति व्यक्त की कि ऑस्ट्रेलिया के साथ सुरक्षा समझौते की घोषणा करने से पहले फ्रांस से परामर्श करने से राजनयिक विवाद को रोका जा सकता था।

 

संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा ऑस्ट्रेलिया के साथ एक परमाणु पनडुब्बी समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद फ्रांस ने पिछले हफ्ते संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था , जिससे कैनबरा ने पिछले कई सालो से चले आ रहे अरबो डॉलर की  फ्रांसीसी-डिज़ाइन पनडुब्बी सौदे को रद्द कर दिया। 

 

इस घटना से फ्रांस को अरबो डॉलर का नुकसान हुआ और लगभग 3000 नौकरी , जो की इस सौदे के पूरा होने से उत्पन्न होती उस पर भी पानी फिर गया।  

 

 

”AUKUS”  US, Britain और Australia का आपसी समझौता 

 

US और ब्रिटैन ने मिलकर कुछ दिन पहले ही एक समझौते पर हस्ताछर किया है जिसमे ये तीनो देश मिलकर साउथ चाइना sea में चीन के विस्तारवादी निति को रोकने और ऑस्ट्रिलया के नौ  मजबूत बनने पर जोर दिया गया है। 

 

इस समझौते के तहत US और Britain मिलकर ऑस्ट्रेलिया के लिए परमाणु ऊर्जा से चलने वाले पनडुब्बी के विकास  मदद करेगा। ये सौदा पहले फ्रांस के साथ तय हुआ था जहाँ पर फ्रांस कुल 12 डीजल चलित पनडुब्बी के विकास में मदद करेगा। 

 

मगर समय की मांग और इस डील में हो रही देरी के कारण ऑस्ट्रेलिया ने ये सौदा फ्रांस को बिना बताये ही रद्द कर दिया जिस बात से फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉन बहुत नाराज हुए। US चूँकि फ्रांस का सबसे  पुराना मित्र था जो लगभग 200 साल पुराना है। 

 

इस बात से नाराज़ होकर फ्रांस ने अपने राजदूत US और Britain से वापस बुला लिए थे। 

 

 

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के एलिसी पैलेस ने एक बयान में कहा कि मैक्रों और बाइडेन के बीच बुधवार को एक फोन कॉल हुआ , जिसमें दोनों नेताओं ने विश्वास के पुनर्निर्माण के लिए गहन विचार-विमर्श शुरू करने पर सहमति जताई।

 

 

इस फ़ोन कॉल पर दोनों नेताओं ने गहन विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य विश्वास सुनिश्चित करने के लिए स्थितियां बनाना और सामान्य उद्देश्यों के लिए ठोस उपाय प्रस्तावित करना है।वे इस बात पर सहमत हुए कि फ्रांस और हमारे यूरोपीय भागीदारों के रणनीतिक हित के मामलों पर सहयोगियों के बीच खुले परामर्श से फायदा होगा, इस दूरी को कम करने और सूचनाओ को साझा करने तथा आपसी समझ और गति बनाए रखने के लिए मैक्रों और बिडेन अक्टूबर के अंत में यूरोप में मिलेंगे।

 

इस डील के विषय में European union ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी जहाँ यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को न्यूयॉर्क में एक बैठक के दौरान फ्रांस के साथ समर्थन और एकजुटता व्यक्त की, जिसमें अमेरिका और ब्रिटिश सौदे में पेरिस के साथ $ 40 बिलियन की पनडुब्बी के आदेश को ऑस्ट्रेलिया के द्वारा  रद्द करने पर चर्चा की गई। 

 

 

विश्व नेताओं की वार्षिक संयुक्त राष्ट्र सभा के दौरान बंद दरवाजे की बैठक के बाद बोलते हुए, यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा कि एक स्थिर और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाये रखने  के लिए “अधिक सहयोग, अधिक समन्वय, कम विखंडन” की आवश्यकता है जहां चीन एक प्रमुख बढ़ती शक्ति हो वहां मित्र देशो में मन मुटाव होना इस क्षेत्र के लिए सही नहीं है। साथ में  यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के इस कदम को समझने में मुश्किल हो रही है। 

 

 

 

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