Consumer forum में शिकायत कैसे दर्ज करे?

भारत में उपभोक्ता शिकायत कैसे दर्ज करें

 

भारत में Consumer forum में शिकायत कैसे दर्ज करें?

हम सभी किसी न किसी रूप में वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग करते हैं। जिस क्षण हम इस धरती पर जन्म लेते हैं, हम उपभोक्ता बन जाते हैं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत राहत पाने के हकदार होते हैं। जिसके लिए हमे उपभोक्ता शिकायत दर्ज़ करनी होती है। 

इन दिनों हम देखते हैं कि उपभोक्ताओं को कई तरह से ठगा और परेशान किया जाता है। कभी-कभी उन्हें घटिया गुणवत्ता का माल उपलब्ध कराया जाता है, कभी-कभी वास्तविक मांग से कम मात्रा का माल या सेवा उपलब्ध करवाकर उनके साथ धोखा किया जाता है , जबकि अन्य समय में उपभोक्ता पर वस्तु के लिए MRP मूल्य से जाएदा की वसूली की जाती है। निर्धारित मूल्य की तुलना में अधिक कीमत वसूल करने से उपभोक्ता के अधिकारों का उलंघन होता है।  

व्यापारी उपभोक्ताओं को ऐसे व्यक्ति मानते हैं जिनके पास भुगतान करने लिए पैसे है तो वे इसका नाज़ायज़ फायदा उठाने के लिए हमेशा तैयार रहते है।  उन्हें हर संभव तरीके से धोखा देने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कानून की आवश्यकता महसूस की गई।

अब हमें सबसे पहले यह जानने की जरूरत है कि उपभोक्ता कौन है ?

उपभोक्ता बनने के लिए व्यक्ति को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होता है:-

  • व्यक्ति ने कुछ मूल्य देकर लिए सामान खरीदा होगा अर्थात उसने पैसे का भुगतान किया होगा।
  • एक व्यक्ति जिसने खुद माल नहीं खरीदा है, लेकिन जो खरीदार के approval से माल का उपयोग करता है, वह भी Consumer है। 
  • एक व्यक्ति ने पुनर्विक्रय resale  या वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए सामान खरीदा होगा वह इस श्रेणी में नहींआता है परन्तु स्वरोजगार के लिए सामान खरीदने वाला व्यक्ति उपभोक्ता होता है।

भारत में उपभोक्ता शिकायत कौन दर्ज करता है?

The Consumer Protection स्वयं उन व्यक्तियों की एक सूची प्रदान करता है जो अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं :

  • सबसे पहले एक consumer 
  • दूसरा, कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत पंजीकृत कोई भी स्वैच्छिक संघ
  • तीसरा केंद्र सरकार या राज्य सरकार
  • चौथा एक या एक से अधिक consumer , जहां एक ही हित रखने वाले कई consumer हैं।

उपरोक्त सूची के अलावा ये लोग भी उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं जैसे – (a) कोई भी व्यक्ति जो वस्तुओं/सेवाओं का लाभार्थी है, (b) मृत उपभोक्ताओं के कानूनी प्रतिनिधि (c ) उपभोक्ता का पति या उपभोक्ता के रिश्तेदार इतियादी। 

 

 

उपभोक्ता शिकायत कैसे दर्ज करें-

  1. सबसे पहले उस फोरम के क्षेत्राधिकार की पहचान करें जहां शिकायत दर्ज की जानी है। इस मुद्दे को अधिकार क्षेत्र के दो angles यानी Territorial और Pecuniary से पहचाना जाना चाहिए।

2. आपको जिला फोरम, राज्य आयोग और राष्ट्रीय आयोग, जैसा भी मामला हो, के समक्ष अपनी शिकायत के साथ एक निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

3. फिर आपको कार्रवाई का कारण स्थापित करने के लिए आवश्यक तथ्यों को बताते हुए अपनी शिकायत का ड्राफ्ट तैयार करना होगा।

4.शिकायतकर्ता के नाम, विवरण और पते का उल्लेख करना न भूलें और जिस पक्ष या पक्ष के खिलाफ राहत का दावा किया गया है उसका नाम, विवरण, पता जरूर दे। 

5. आपके आरोपों का समर्थन करने वाले सभी दस्तावेजों की प्रतियां। इसमें आप खरीदे गए सामान के बिल की प्रति, वारंटी और गारंटी के दस्तावेजों को रिकॉर्ड में रख सकते हैं और साथ ही लिखित शिकायत की एक प्रति और व्यापारी को उत्पाद को सुधारने का अनुरोध करने वाले नोटिस की एक प्रति भी रख सकते हैं।

6.आप मुआवजे की लागत के लिए भी पूछ सकते हैं जिसे शिकायत में विशेष रूप से अभिकथित किया जाना चाहिए।मुआवजे के अलावा, एक उपभोक्ता refund , damages, मुकदमेबाजी की लागत (litigation costs) और ब्याज राशि भी मांग सकता है। आपको विभिन्न मदों में दावा की गई राशि का विवरण अवश्य देना चाहिए, लेकिन forums के pecuniary value के अनुसार मुआवजे या अन्य राहत का दावा करना याद रखें। शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि विरोधी पक्ष के खिलाफ क्या राहत मांगी गई है।

7. शिकायतकर्ता बिना किसी अधिवक्ता को शामिल किए व्यक्तिगत रूप से या अपने अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा शिकायत प्रस्तुत कर सकता है। शिकायत पंजीकृत डाक से भेजी जा सकती है।

फोरम में शिकायत की कम से कम 5 प्रतियां दाखिल की जानी हैं। इसके अलावा आपको प्रत्येक विरोधी पक्ष के लिए अतिरिक्त प्रतियां दाखिल करनी होंगी। आपको शिकायत के साथ एक हलफनामा भी दाखिल करना होगा कि शिकायत में बताए गए तथ्य सही और विचार योग्य हैं।

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